Storytelling, songs, role play and drama: Lower Primary Language and Literacy (English commentary)


Commentary:
Stories are a good way to introduce new concepts and language to young students.
Teacher: बच्चों, एक चूहा था। बहुत ही नटखट
और बड़ा ही चालाक। कुछ न कुछ शरारत करने
का उसका मन हमेशा करता था।
Commentary: In this primary language class, a teacher
retells her students a familiar story. She has memorised the tale and tells it dramatically
using props. Teacher: ये क्या है? ये
काहे का फोटो है? Students: चूहा।
Teacher: सबको दिखाई दे रहा है?
Students: हाँ। Teacher: क्या है ये?
Students: चूहा। Teacher: किस किस के घर
में चूहे हैं? Student 1: हमारे।
Teacher: अरे वाह! चूहा क्या करता है घर में?
Student 2: चूहे भागते हैं, और कतरते हैं कपड़ा।
Student 3: कपड़े कतर देते हैं।
Student 4: Ma’am, हमारे घर के कपड़े कतरता है।
Teacher: कपड़े कतर देता है?
Students: हाँ। Teacher: कैसे बोलता है
चूहा? Students: चींईईई…
Commentary: Notice the students’ responses as the teacher
uses different techniques to enhance her storytelling. Teacher: एक चूहा था। बहुत
नटखट, बड़ा शरारती। जैसे आप लोग शरारत
करते हो न? Students: हाँ।
Teacher: ऐसे ही चूहा शरारत करता था। एक बार उसने
सोचा कि, “क्यों न मैं शहर जाऊँ?” बारिश
के दिन में – अपने बिल में बैठे बैठे
– bore हो गया। Commentary:
The story is about a mischievous mouse who goes shopping in the city, but he doesn’t
have any money. The teacher uses actions, questions and songs to make the story more
interactive and enjoyable. Teacher: उसके पैर के नीचे
से निकल के, और बैठ गया वहाँ पर, है ना?
Students: हाँ। Teacher: अब वो दुकानदार
ने देखा “ओह! ये तो चूहा है! ये कहाँ से
आ गया?” है ना? Students 5: हाँ।
Teacher: तो फिर, उसने क्या किया होगा?
Student 5: उसने… भगाया होगा।
Teacher: उसने भगाया होगा। उसने कहा, “भाग यहाँ
से। चूहे, तू यहाँ से भाग।” तो उसने
क्या जवाब दिया होगा? Students: “मैं नहीं भागूँगा।“
Teacher: उसने कहा, “मैं नहीं भागूँगा। मैं
नहीं भागूँगा! मैं नहीं भागूँगा। मैं
नहीं भागूँगा!” चूहे ने कैसे गाना
गाया? “रातों रात आऊँगा; अपनी सेना
लाऊँगा; तेरे कपड़े काटूँगा।” कैसै करा?
आप बताओ। Students: “रातों रात आऊँगा;
अपनी सेना लाऊँगा; तेरे कपड़े काटूँगा।”
Teacher: दुकानदार बहुत डर गया। उसने सोचा,
“ये तो रात में, मेरे कपड़े काट देगा, आ
के।” तो, उसने कहा, “चूहे भैया, चूहे
भैया, तुम ये कपड़े ले जाओ, और ये…” उसने
एक रेशमी कपड़ा चूहे को दिया, और कहा कि,
“ये तुम ले जाओ, और अब तुम मेरे कपड़े
नहीं काटना, रात में आ के। ठीक है?” चूहा
खुश हो गया। अब वो चूहा कपड़े सिलवाने
कहाँ जाएगा? टोपी सिलवाने के लिए?
Students: दर्ज़ी के पास। Teacher: कहाँ जाएगा?
Students: दर्ज़ी के पास। Teacher: हाँ। तो उसने
कहा, “भागो यहाँ से। मैं तुमको कपड़े
सिल के नहीं दूँगा।” फिर उसने गाना गाना
शुरू कर दिया। Students: “रातों रात आऊँगा;
अपनी सेना लाऊँगा; तेरे कपड़े काटूँगा।”
Teacher: दर्ज़ी ने उसको टोपी सिल दी। अब वो
टोपी उसने पहनी। तो टोपी उसने पहन
के देखा! तो देखा – काहे में देखा उसने? आइने
में देखा। ऐसे देखा! फिर ऐसे देखा! फिर
ऐसे देखा! अब वो कैसा लगा होगा?
Students: अच्छा। Teacher: कैसा लगने लगा
होगा, टोपी पहन कर? Commentary:
Teaching your class outside can be relaxing and exciting for students. Why not try some
of the ideas in this video when you next tell a story.
Teacher: अच्छा, ये बताओ, आपको ये कहानी कैसी
लगी? Students: बहुत अच्छी!
Teacher: आपको मज़ा आया? Students: हाँ!

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